Monday, September 3, 2007

चीन में भी लड़कियों की कमी


बीजिंग । चीन में भी लड़कों के फेर में पड़कर मादा भ्रूण को खत्म कराने के प्रचलन का दुष्प्रभाव अब देखने को मिल रहा है। यहां के कुछ शहरों में लड़कियों की संख्या जबर्दस्त तरीके से कम हो गई है। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने बताया कि देश भर में इस समय सौ लड़कियों पर 119 लड़के हैं। राजधानी बीजिंग में भी यह समस्या धीरे-धीरे विकराल होती जा रही है। इसका कारण पारंपरिक रूप से लड़कों की चाहत और केवल एक ही संतान पैदा करने की सरकारी नीति बताई जा रही है। भ्रूण के लिंग का पता लगाने और मादा भ्रूण को खत्म करने के लिए भावी माता-पिता किसी भी सूरत में अल्ट्रासाउंड कराते हैं जबकि चीन में यह कानूनन अपराध है। शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि इन प्रचलनों से लिंग अनुपात बुरी तरह गड़बड़ा जाएगा और एक समय ऐसा भी आएगा जब लाखों पुरुष विवाह से वंचित रह जाएंगे। ऐसी सूरत में असामाजिक और हिंसक घटनाओं में इजाफा होगा । चीन में सबसे बुरा हाल जियांग्सू प्रांत के लियानयुनगांग में है। वहां सौ लड़कियों पर 136 लड़के हैं। इसका अर्थ है कि यहां आठ लड़कों पर पांच लड़कियां हैं। आगे जाकर बड़ी संख्या में लड़कों को कुंवारा रहना पड़ सकता है ।

चीन में भी लड़कियों की कमी


बीजिंग । चीन में भी लड़कों के फेर में पड़कर मादा भ्रूण को खत्म कराने के प्रचलन का दुष्प्रभाव अब देखने को मिल रहा है। यहां के कुछ शहरों में लड़कियों की संख्या जबर्दस्त तरीके से कम हो गई है। सरकारी संवाद समिति शिन्हुआ ने बताया कि देश भर में इस समय सौ लड़कियों पर 119 लड़के हैं। राजधानी बीजिंग में भी यह समस्या धीरे-धीरे विकराल होती जा रही है। इसका कारण पारंपरिक रूप से लड़कों की चाहत और केवल एक ही संतान पैदा करने की सरकारी नीति बताई जा रही है। भ्रूण के लिंग का पता लगाने और मादा भ्रूण को खत्म करने के लिए भावी माता-पिता किसी भी सूरत में अल्ट्रासाउंड कराते हैं जबकि चीन में यह कानूनन अपराध है। शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि इन प्रचलनों से लिंग अनुपात बुरी तरह गड़बड़ा जाएगा और एक समय ऐसा भी आएगा जब लाखों पुरुष विवाह से वंचित रह जाएंगे। ऐसी सूरत में असामाजिक और हिंसक घटनाओं में इजाफा होगा । चीन में सबसे बुरा हाल जियांग्सू प्रांत के लियानयुनगांग में है। वहां सौ लड़कियों पर 136 लड़के हैं। इसका अर्थ है कि यहां आठ लड़कों पर पांच लड़कियां हैं। आगे जाकर बड़ी संख्या में लड़कों को कुंवारा रहना पड़ सकता है ।

Sunday, September 2, 2007

तेरी खामोशी को मैं एक शब्‍द देना चाहता हूँ

तेरी खामोशी को मैं एक शब्‍द देना चाहता हूँ
तुझे हसंता और चहकता देखना चाहता हूँ
ज़ालिम जमाने से तुझे महफूज रखना चाहता हूँ
तेरी खामोशी से मुझे आज भी डर लगता
बस तू अपनी खामोशी को एक शब्‍द देगे

तेरी खामोशी को मैं एक शब्‍द देना चाहता हूँ

तेरी खामोशी को मैं एक शब्‍द देना चाहता हूँ
तुझे हसंता और चहकता देखना चाहता हूँ
ज़ालिम जमाने से तुझे महफूज रखना चाहता हूँ
तेरी खामोशी से मुझे आज भी डर लगता
बस तू अपनी खामोशी को एक शब्‍द देगे

तान्या

तान्या

है अधिकार मुझको भी जन्म लेने का,
अपनी कोंख में मुझको पनाह दे दो मां।
सृष्टि के रचयिता की इस अनुपम कृति की,
मैं भी बन सकूं साक्षी वो राह दे दो मां।।

पिता की थाम कर ऊंगला मैं चलना सीखूंगी,
बैठ बाबा के कांधे पर देखूंगी जहां सारा।
सजा कर भाई की सूनी कलाई रेशम के धागे से,
दादी मां की आंखों का बन जाऊं मैं तारा।।

रिश्तों के माधुर्य़ से पुलकित हो जो बगिया,
अपने मातृत्व की वही ठंडी छांव दे दो मा।।

हैं अरमान कुछ मेरे,सजाए स्वप्न नयनों ने,
मगर डर है कहीं ये ख्वाब न रह जाएं अधूरे।
जो लोग कहते हैं नहीं मैं वंश तेरी मां,
टिकी है मुझ पर अब उनकी विषभरी नजरें।।

बना लो अंश मुझको अपने कोंमल ह्दय का
अपनी तान्या को बस इतना अधिकार दे दो मां।।

तान्या

तान्या

है अधिकार मुझको भी जन्म लेने का,
अपनी कोंख में मुझको पनाह दे दो मां।
सृष्टि के रचयिता की इस अनुपम कृति की,
मैं भी बन सकूं साक्षी वो राह दे दो मां।।

पिता की थाम कर ऊंगला मैं चलना सीखूंगी,
बैठ बाबा के कांधे पर देखूंगी जहां सारा।
सजा कर भाई की सूनी कलाई रेशम के धागे से,
दादी मां की आंखों का बन जाऊं मैं तारा।।

रिश्तों के माधुर्य़ से पुलकित हो जो बगिया,
अपने मातृत्व की वही ठंडी छांव दे दो मा।।

हैं अरमान कुछ मेरे,सजाए स्वप्न नयनों ने,
मगर डर है कहीं ये ख्वाब न रह जाएं अधूरे।
जो लोग कहते हैं नहीं मैं वंश तेरी मां,
टिकी है मुझ पर अब उनकी विषभरी नजरें।।

बना लो अंश मुझको अपने कोंमल ह्दय का
अपनी तान्या को बस इतना अधिकार दे दो मां।।

Friday, August 31, 2007

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